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    दांतों पर काले दाग नज़र आना, जानें कारण और इलाज

    एक व्यक्ति को अपनी जिंदगी में बहुत सी चीजों से प्यार होता है कई लोग अपने आप को अच्छा बनाने के लिए वह सब चीजें करते हैं। जो उनकी शख्सियत को और ज्यादा निखारते हैं जैसे की शरीर से जुडी हर चीज़ को साफ़ सुधरा रखते हैं। और सबसे ज़्यादा व्यक्ति को अपने दांतो की बीमारी का डर सताता रहता है, क्योकि खराब दांत या दातों के बीच में काले धब्बे होना इससे व्यक्ति की शख्सियत पर बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ता है। क्योंकि एक चमकदार, मुस्कान व्यक्ति की शख्सियत और अच्छे मौखिक स्वास्थ्य और स्वच्छता का प्रतीक माना जाता है। 

    आम तोर पर व्यक्ति अगर कुछ भी खाता है तो उसके दांतों का स्वस्थ होना बहुत जरूरी होता है। अगर हम अपने मुँह के स्‍वस्‍थ की और ध्यान नहीं देंगे तो हमारे दांत जल्दी खराब हो  सकते हैं | अगर आप अपने दांतों से जुड़ी समस्याओं को समझ कर उसका तुरंत इलाज करवा लेते हो तो आप दांतों के गंभीर रोगों से अपना बचाव कर सकते हो। दातों की ऐसी ही एक और समस्या जिसको लोग बहुत जल्दी नज़र अंदाज कर देते हैं जैसे की दांतों के बीच में ब्लैक ट्राइएंगल होना ये समस्या तब होती है जब दांतों और मसूड़ों के बीच में खाली जगह बन जाती है और जब व्यक्ति हस्ता है या कुछ भी बोलता है तो यह काले त्रिकोण के रूप में दिखाई देती है इसका मुख्य कारण मसूड़ों का डैमेज होना होता है। इसलिए ऐसे कई लोग होते हैं जो जिंदगी में अपने दांतों पर काले दागों की मौजूदगी जैसी समस्या से लड़ते हैं जोकि उनके आत्मविश्वास पर भी काफी असर डालती है। इस वजह से ही ज़्यादातर लोग इसके बारे में जानना चाहते हैं  की अपने दांतों पर से काले दागों को कैसे हटाया  जा सकता है। 

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    दांतों पर काले दाग़ (ब्लैक ट्राइएंगल) के लक्षण 

    •  दांतों के बीच में जगह बनने और ये सबसे स्पष्ट लक्षण है कि दांतों के बीच में ब्लैक ट्राइएंगल का दिखाई देना
    •  दांतों के बीच में खाली जगह बनने के कारण उसमें खाने के कणों का फसना। 
    •  दांतों के बीच में काले त्रिकोण से व्यक्ति की सुंदरता प्रभावित होना। 
    •  मुँह से दुर्गंध और कैविटी का बढ़ना 
    •  ये स्थिति लम्बे समय से बनी रहे तो ये मसूड़ों में सूजन, दर्द ब्लीडिंग का कारन भी बन सकता है। 

     दांतों पर काले दाग़ (ब्लैक ट्राइएंगल) के कारण 

    •  जैसे ही व्यक्ति की उम्र में बढ़ावा होता है वैसे ही उसके मसूड़ों में कमजोरी होना शुरू हो जाती है और ये मसूड़ों को पीछे की और हटा देती है और उनको डेमेज कर देती है जिसकी वजह से दांतों के बीच में ब्लैक ट्राइएंग बन जाते हैं जो व्यक्ति की पर्सनालिटी को बहुत ज्यादा प्रभावित करते हैं। 
    •  मसूड़े व्यक्ति के दातों को सहारा देते हैं और जब मसूड़े किसी कारन वर्ष पीछे हटते तो दान के बीच में खली जगह बन जाती है जो ब्लैक ट्राइएंगल का मुख्य कारण होती है इसके कई कारण होते हैं जैसे की मसूड़ों की सूजन (गिंगिवाइटिस) या पीरियडोंटल की बीमारी आदि। 
    •  मसूड़ों में प्लाक और टार्टर जम जाता है, जब दांतों की सही से सफाई नहीं होती है। ये जमाव मसूड़ों को नुक्सान और उनको पीछे की और हटाता है। ब्रश करने की गलत तकनीक और फ्लॉस न करना दांतों में बनने वाली समस्या का कारण हो सकता है। 
    • व्यक्ति के दाँतों का टेढ़ा- मेढ़ा होना, एक दूसरे के साथ एलाइनमेंट में न होना ये दाँतों के बाच मैं जगह बनने का कारण बन सकता है जो की ब्लैक ट्राइएंगल के रूप में दिखाई देता है। 
    • दांतों के बीच में असमानता या दांतों के बीच का स्पेस सही तरीके से भरा न जाना ब्लैक ट्राइएंगल का कारण हो सकता है। आम तौर पर ये समस्या ब्रेसिज़ हटाने के बाद आम तोर पर ये समस्या होती है। 
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    दांतों पर काले दाग़ (ब्लैक ट्राइएंगल ) का इलाज 

    •  ब्लैक ट्राइएंगल से अपना बचाव करने के लिए रोजाना अपने दाँतों को साफ़ करना चाहिए। सही तरिके से ब्रश करना मसूड़ों को  स्वस्थ रखता है। 
    •  दांतों के बीच जमे प्लाक को हटाने के लिए फ्लॉस का करना चाहिए ये मसूड़ों को थी रखता है और उनको पीछे हटने से बचाता है। 
    •  डेंटिस्ट फिलिंग या बॉन्डिंग तकनीक का उपयोग ब्लैक ट्रायंगल को भरने के लिए करते हैं ताकि दांतों में कोई भी ब्लैक ट्राइएंगल दिखाई न दे। 
    •   डेंटिस्ट फ्लैप सर्जरी सलाह दे सकते हैं जब आपके दांतों की कंडीशन खराब और गंभीर हो। इस सर्जरी में मसूड़ों को फिर से अपनी जगह पर लगाया जाता है। 
    •  अगर गलत एलाइनमेंट के कारण ब्लैक ट्रायंगल बना हो तो ब्रेसेज या अलाइनर का इस्तेमाल कर ये दांतों को सही स्थिति में  लेकर आता  है। 
    •  गम ग्राफ्टिंग का उपयोग कब किया जाता है जब मसूड़े बहुत ज्यादा पीछे हट जाते हैं और  जिसमें स्वस्थ मसूड़ों को दूसरे हिस्सों से  लिया जाता है और खाली जगह पर लगाया जाता है। 
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    निष्कर्ष :

    दाँतों की समस्या सभी के लिए परेशानी खड़ी कर देते हैं। खराब दांत और उसकी वजह से मुँह से दुर्गन्ध का आना, दातों में ब्लैक ट्राइएंगल का बनना व्यक्ति की पर्सनालिटी को बहुत ज्यादा प्रभावित करते हैं और कई लोग इस समस्या पर ध्यान नहीं देते और ध्यान न देने पर ये खतरनाक हो जाती है जिससे की मसूड़ों के स्वास्थ्य  बिगड़ जाता है। इसकी सही देखभाल और नियमित जांच और उचित इलाज को चुनना एक सही विकल्प होता है। अगर आप भी ऐसी ही किसी गंभीर समस्या से परेशान हैं और इसका इलाज ढूंढ रहे हैं तो आप स्माइल ज़ोन डेंटल स्पेशलिटी सेंटर जाकर आज ही आपजी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसकी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।