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    Tooth decay and cavity treatment at Smile Zone Dental Specialty Centre.

    क्या इन घरेलू उपायों की मदद से दांतों में होने वाले दर्द को किया जा सकता है कम? डॉक्टर से जानें, इन घरेलू उपायों के इस्तेमाल करने के सही तरीके के बारे में!

    आज के समय में लोगों को दांतों से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिसका मुख्य कारण खान पान की गलत आदत होना और जीवनशैली में गलत आदतों को अपनाना और नियमित अपने दाँतों की देखभाल न करना जैसे कई कारण शामिल हो सकते हैं। दांत शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते हैं, जिन की देखभाल करना हमारा मुख्य कर्तव्य होना चाहिए। दांत न केवल खाने को चबाने में हमारी मदद करते हैं, बल्कि खाने को पचाने में भी हमारी काफी ज्यादा सहायता प्रदान करते हैं। आम तौर पर, दांतों में होने वाली दर्द की समस्या काफी ज्यादा दर्दनाक होती है, जिसमें व्यक्ति का न केवल पूरा जीवन बल्कि रोजाना के काम भी बुरी तरीके से प्रभावित हो जाते हैं। 

    दरअसल दांत में होने वाला दर्द एक इस तरह की समस्या है, जो कई बार दांतों में अचानक से ही शुरू हो जाता है और एक दम से व्यक्ति का जीना काफी ज्यादा मुश्किल में डाल देता है। दांतों में होने वाला दर्द एक आम समस्या है, जो किसी भी वक्त और किसी भी व्यक्ति को बुरी तरीके से प्रभावित कर सकता है। दरअसल, दांतों में यह दर्द कई कारणों की वजह से हो सकता है, जिस में दांतों में कैविटी होना, संक्रमण होना, कीड़ा या फिर अक्ल दाढ़ निकलना जैसे कई कारण शामिल हो सकते हैं। आम तौर पर, लोग इस दर्द से काफी ज्यादा हैरान और परेशान हो जाते हैं और इस के अपने आप ठीक न होने पर लोग इस समस्या से तुरंत राहत पाने के लिए पेनकिलर का सेवन कर लेते हैं। इससे उन को दांतों में होने वाले दर्द से तुरंत राहत मिल जाती है। पर, जब इस दौरान दर्द कम करने वाली दवा का असर कम या फिर खत्म हो जाता है, तो दांतों में दर्द दोबारा से शुरू हो जाता है। इसलिए, दांतों में होने वाले दर्द के लिए हर बार पेनकिलर का सेवन करना बिल्कुल भी ठीक नहीं होता है। इसके लिए आपको अपने दांतों की जांच अच्छे से करवानी चाहिए और समस्या का पता करना चाहिए। दांत में होने वाले दर्द को आम समझ कर ऐसे ही नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह शरीर से जुड़ी किसी गंभीर समस्या का भी संकेत हो सकता है। दांतों में होने वाली किसी भी तरह की समस्या में आपको सबसे पहले अपने डॉक्टर से ही मिलना चाहिए। पर, अगर आप इस को घर पर ही ठीक करना चाहते हैं, तो इसके लिए आप कुछ घरेलू उपायों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जो दांत में होने वाले दर्द को कम करने में आपकी काफी ज्यादा सहायता कर सकते हैं। ऐसे में, दांत दर्द को कम करने वाले घरेलू उपायों में नमक के पानी से कुल्ला करना, लौंग का इस्तेमाल करना, बर्फ से सिकाई करना, लहसुन का उपयोग करना और हल्दी के पेस्ट को लगाना जैसे कई घरेलू उपायों का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह उपाय न केवल दांतों की सेहत के लिए बेहतर होते हैं, बल्कि इन से दांतों में होने वाला दर्द भी काफी हद तक कम हो जाता है। पर, फिर भी अगर दाँतों में होने वाला दर्द लगातार बढ़ रहा है और ठीक होने का नाम नहीं ले रहा है, तो इसके लिए आपको बिना कोई देर किये तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं। 

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    दांत दर्द को कम करने के घरेलू उपाय क्या हो सकते हैं? 

    दरअसल, अगर आप दांत में होने वाले दर्द से परेशान हैं और आप इस दर्द को कम करना चाहते हैं, तो इसके लिए आप कुछ निम्नलिखित उपायों को अपना सकते हैं, क्योंकि कुछ घरेलू उपाय काफी ज्यादा असरदार साबित हो सकते हैं, जैसे कि 

    1. नमक के पानी से कुल्ला करना 

    अगर आपके दांतों में गंभीर रूप से दर्द हो रहा है और आप इस दर्द से राहत पाना चाहते हैं, तो इसके लिए आप नमक के पानी से कुल्ला कर सकते हैं, जो कि काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। दरअसल, नमक में कई तरह के नेचुरल एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो दरअसल मुंह और दांतों में मौजूद बैक्टीरिया को कम करने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान कर सकते हैं। नमक का पानी दांतों में होने वाले दर्द के साथ- साथ मसूड़ों की सूजन को भी कम करने में काफी सहायता करता है। इसलिए, नमक का पानी दांतों में होने वाले दर्द को कम करने में सबसे असरदार घरेलू उपाय माना जाता है। अगर आप दांतों में हो रहे दर्द के लिए इस उपाय का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इसके लिए आप सबसे पहले एक गिलास गुनगुना पानी लें और उसमें आधा चम्मच नमक मिलाएं। अब इस पानी को अपने मुँह में लें और कम से कम 30 सेकंड तक अपने मुँह में भरकर इसका कुल्ला करें। अगर आप दर्द के दौरान इसे दिन में कम से कम 2 से 3 बार करते हैं, तो आपको इससे काफी आराम प्राप्त हो सकता है। 

    1. लहसुन का उपयोग करना 

    आम तौर पर, लहसुन में एलिसिन नाम का एक तत्व पाया जाता है, जो मुंह और दांतों में बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करता है। इसलिए, दांतों में दर्द की समस्या होने पर लहसुन का इस्तेमाल करना काफी ज्यादा कारगर माना जाता है। आम तौर पर, इस से न केवल दांतों में होने वाले संक्रमण से बचाव होता है, बल्कि मसूड़ों में सूजन और दाँतों में होने वाले दर्द से भी आपको काफी ज्यादा राहत प्राप्त हो सकती है। अगर आप अपने दांतों में होने वाले दर्द के लिए इसका इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इसके लिए आप एक लहसुन की कली को अच्छे तरीके से पीस लें और इसके बाद इसमें थोड़ा सा नमक मिला लें और एक पेस्ट त्यार कर लें। अब इसको दर्द वाली जगह पर लगाकर कुछ समय बाद साफ़ पानी से अपने मुँह को धो लें। 

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    निष्कर्ष: दाँतों में होने वाला दर्द आम हो सकता है, पर आम समझ कर इसको नजरअंदाज करना कफी ज्यादा पीड़ादायक और सेहत के लिए हानिकाकर साबित हो सकता है। दांतों में होने वाली हर समस्या पर ध्यान देना अति आवश्यक होता है, क्योंकि इससे व्यक्ति का जीवन और काम दोनों ही बुरी तरीके से प्रभावित हो जाते हैं। दांतों में होने वाले दर्द से राहत पाने के लिए लोग तुरंत पेनकिलर का सेवन कर लेते हैं और कुछ समय बाद उस दवा का असर खत्म होते ही फिर से दांतों में दर्द होने लग जाता है। अगर आप भी दांतों के दर्द में तुरंत पेन किलर ले लेते हैं, तो इससे शरीर को कई नुकसान हो सकते हैं। ऐसे में आपको तुरंत अपने डॉक्टर से इसकी जांच करवानी चाहिए। इसके अलावा आप दांतों में होने वाले दर्द के लिए इस लेख में बताए गए कुछ घरेलू उपायों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यह दांत दर्द की समस्या में काफी असरदार साबित हो सकते हैं। अगर फिर भी दांतों में दर्द बना रहे तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और दांतों में होने वाली किसी भी तरह की समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए आप आज ही स्माइल ज़ोन डेंटल स्पेशलिटी सेंटर के विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल! 

    प्रश्न 1. क्या खाते- खाते हमारे दांत भी थक जाते हैं?

    दरअसल, खाते- खाते हमारे दांतों में नहीं, बल्कि हमारे दांत और जबड़े की मांसपेशियों में काफी ज्यादा थकान महसूस होती है। हालांकि, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि दांत खुद कोई जीवित मांसपेशी नहीं हैं, इसलिए खाते वक्त दांतों में दर्द नहीं हो सकता है। पर, हां जब आप लगातार किसी सख्त चीज को चबाते हो, या फिर किसी चबाने में मुश्किल भोजन का सेवन करते हैं, तो ऐसे में आपके जबड़े की मांसपेशियां और जोड़ काफी ज्यादा थकान महसूस कर सकते हैं, जिसके कारण आपको अपने दांतों में भारीपन और थकान का आभास हो सकता है। 

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    प्रश्न 2. दांतों का वास्तविक रंग किस तरह का होना चाहिए?

    आम तौर पर, हम में से ज्यादातर लोगों को लगता है, कि सेहतमंद दांत अक्सर सफेद दूध जैसे चिट्टे होते हैं। पर, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि ऐसा बिलकुल भी नहीं है। दांतों का प्राकृतिक और वास्तविक रंग पूरी तरह से सफेद नहीं होता है, बल्कि यह हल्का पीला होता है। ऐसे में, दांतों की बाहरी परत पारदर्शी और नीचे मौजूद डेंटिन परत जिसका वास्तविक और प्राकृतिक रंग हल्के पीले या फिर भूरे रंग का होता है। 

    प्रश्न 3. दांतों और मसूड़ों के बीच क्या संबंध होता है?

    दरअसल, आपकी जानकरी के लिए आपको बता दें, कि दांतों और मसूड़ों के बीच का संबंध काफी ज्यादा गहरा होता है, जो शरीर की नींव और दीवार की तरह होता है। आम तौर पर, मसूड़े दांतों के लिए एक मजबूत आधार और सुरक्षा कवच की तरह होते हैं। जो आपस में ख़ास कामों से ही जुड़े होते हैं। सेहतमंद मसूड़े न केवल दांतों को उनकी जड़ों के माध्यम से उनको मज़बूती से जोड़ कर रखते हैं, बल्कि यह दाँतों

    को हिलने, टूटने और बैक्टीरिया से भी बचाव करने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करते हैं। 

    प्रश्न 4. किस समस्या के दौरान दाँतों को झेलनी पड़ती है, भारी समस्या? 

    दांतों को पेरियोडोंटल रोग यानी कि पायरिया या फिर कैविटी यानी कि दाँतों में सड़न जैसी समस्या के दौरान दातों को काफी भारी समस्या झेलनी पड़ सकती है। दरअसल, इन बिमारियों के कारण ही मसूड़े न केवल कमजोर हो जाते हैं, बल्कि दांत काफी ज्यादा हिलने भी लग जाते हैं। 

    प्रश्न 5. क्या हर हफ्ते दांतों की जांच करवाना जरूरी होता है?

    दरअसल, जिन लोगों के मुँह का स्वास्थ्य अच्छा नहीं होता है, शायद उन लोगों को इसकी जरूरत पड़ सकती है, पर आम तौर पर, एक अच्छे मुँह के स्वास्थ्य वाले लोगों को हर हफ्ते दांतों की जांच करवाना जरूरी नहीं होता है। ऐसे लोगों को साल में केवल एक या फिर दो बार ही अपने दाँतों का चेकअप और क्लीनिंग करवाने की जरूरत होती है।