Contact Us

    Healthy white smile with perfect teeth and oral health.

    स्वप्रतिरक्षी स्थितियां आपके मौखिक स्वास्थ्य पर कैसे प्रभावित कर सकती है ?

    स्वप्रतिरक्षी एक ऐसी परिस्थिति है, जो समस्त स्वास्थ्य को प्रभावित कर देती है और साथ ही आपके दांत स्वास्थ्य पर भी काफी नकारात्मक प्रभाव डालती है | यदि आप भी इस स्वप्रतिरक्षी स्थितियां से गुज़र रहे है तो कुछ बातें है जिसका जानना बेहद ज़रूरी है, आइये जानते है इस परिस्थिति के बारे में और कैसे पाए इससे निजात :- 

    स्माइल जोन डेंटल स्पेशलिटी सेंटर के सीनियर डॉक्टर प्रिया वर्मा ने अपने यूट्यूब चैनल में पोस्ट एक वीडियो के माध्यम से यह बताया की आपके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली आक्रमणकारी सूक्ष्मजीवों से लड़कर आपके शरीर के स्वास्थ्य को बरकरार रखने का कार्य करती है | लेकिन कभी-कभार प्रतिरक्षा प्रणाली ही शरीर के स्वस्थ कोशिकाएं और ऊतकों पर हमला करना शुरू कर देती है | जिस वजह से स्वस्थ शरीर के अंग प्रति असामन्य प्रतिक्रिया उत्पन्न हो जाती है | ज्यादातर स्वप्रतिरक्षी स्थितियों सूजन का कारण भी बन जाती है, जो लालिमा, गर्मी, दर्द और सूजन जैसी समस्या को उत्पन्न कर देती है | 

    See also  डॉक्टर प्रिय से जाने दांतों के स्वास्थ्य से जुड़े कुछ मिथ्स एंड फैक्ट्स

    कई अलग-अलग स्वप्रतिरक्षी स्थितियां होती है, जिनके कारणों से होने वाले लक्षण शरीर के प्रभावित हिस्सों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है | कुछ स्वप्रतिरक्षी स्थितियां में केवल एक ही तरह का टिश्यू शामिल होता है और अन्य टिश्यू शरीर के अलग-अलग हिस्सों में प्रभाव डालते है | उदाहरण के लिए बात करे तो वास्कुलिटिस मुख्य रूप से शरीर के रक्त वाहिकाओं पर काफी प्रभाव डाल सकते है, दूसरी ओर ल्यूपस टिश्यू त्वचा, हृदय, फेफड़ों और शरीर के बाकि अंगों पर भी काफी नुक्सान पंहुचा सकती है | 

    स्वप्रतिरक्षी स्थिति मौखिक स्वास्थ्य पर कैसे प्रभाव डालती है ? 

    स्वप्रतिरक्षी स्थिति की वजह से आप कई मौखिक स्वास्थ्य स्थितियों के प्रति अधिक मौखिक स्वास्थ्य से जुड़ी संवेदनशील हो सकते है, जैसे की :- 

    • कई स्वप्रतिरक्षी स्थितियां ऐसी होती है जिसके परिणामस्वरूप मुँह में लार की कमी आ जाती है, जिस वजह से प्रतिरक्षा प्रणाली लार पर हमला कर देती है | मुँह में लार दांतों में मौजूद बैक्टीरिया का सफाया करने का कार्य करती है | इसलिए लार के कम होने का अर्थ है की दांतों में सड़न होना का खतरा बढ़ जाना | 
    • यह स्वप्रतिरक्षी स्थितियां भी संक्रमण के खिलाफ पैदा होने वाले प्राकृतिक सुरक्षा को बहुत कम कर देती है,जिसकी वजह से मसूड़ों में सूजन और बीमारी होने का खतरा अधिक बढ़ जाता है | 
    • ल्यूपस और क्रोहन रोग जैसी परिस्थितियों की वजह से मुंह के कोमल ऊतकों पर छाले जैसी समस्या आसानी विकसित हो जाती है |  
    • कुछ स्वप्रतिरक्षी स्थितियां होते है जिसकी वजह से रक्त वाहिकाओं और तंत्रिकाओं को काफी नुकसान पहुंचता है, जिनमे मुंह में होने वाले रक्त वाहिकाएं भी शामिल है, इसकी वजह से आपको दांतो में दर्द की समस्या भी हो सकती है | 
    See also  एक्सपर्ट्स द्वारा बताई गई ऐसी टिप्स जो करे डेंटल फोबिया की समस्या को दूर

    अगर आप भी ऊपर बताए गए किसी भी लक्षण से गुजर रहे है तो बेहतर है तुरंत डेंटिस्ट के पास जाएं और इलाज करवाएं | इसके लिए आप स्माइल जोन डेंटल स्पेशलिटी सेंटर से भी परामर्श कर सकते है |