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    रूट कैनाल समझाया गया प्रक्रिया, सुरक्षा और निदान की समस्याएं

    रूट कैनाल ट्रीटमेंट की प्रक्रिया क्या है, इससे जुड़ी सावधानी और किन स्थितियों का किया जाता है निदान ?

    दांतों में दर्द होने एक सामान्य विकार है, जो बच्चे से बुजुर्ग तक सभी वर्ग के लोगों को प्रभावित कर सकता है | दांतों में दर्द होने के कई कारण हो सकते है, जिससे आपको कुछ भी खाने-पीने और उठने-बैठने में काफी परेशानी हो सकती है | दांतों में दर्द को कम करने के लिए लोग ऐसे ही और कोई दर्द भी निवारक दवाओं का सेवन करने लग जाते है, जिससे उनके स्वास्थ्य में दुष्प्रभाव पड़ने लग जाता है | यदि आपको दांतों में अधिक दर्द हो रहा है तो इसके इलाज के आपको डेंटिस्ट रूट कैनाल ट्रीटमेंट करवाने की सलाह दे सकता है | आइये जानते है रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बारे में विस्तारपूर्वक से :- 

    रूट कैनाल ट्रीटमेंट क्या होता है ?   

    रूट कैनाल ट्रीटमेंट एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें क्षतिग्रस्त हुए दांतों को निकालने के बजाए, उसे सही किया जाता है | इलाज के दौरान डॉक्टर दांतों की जड़ से वेंस और पल्प को हटा देता है | इसके बाद फिर दांत की जड़ को अच्छे से साफ़ करके उससे सील कर दिया जाता है | यदि समय पर इन्फेक्शन का इलजा न किया गया तो इसकी वजह से दांतों के आसपास मौजूद टिश्यू संक्रमित हो सकता है, जो बाद में दांत का फोड़ा में तब्दील हो जाता है | दरअसल रूट कैनाल ट्रीटमेंट दांतों की जड़ की कैनाल की सफाई करने के लिए किया जाता है | 

    रूट कैनाल ट्रीटमेंट की क्यों पड़ती है ज़रुरत ? 

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    जब दांतों में उत्पन्न इन्फेक्शन, जबड़ों की हड्डियों तक फैलने लग जाता है तो इसकी वजह से मरीज़ को असहनीय दर्द से गुजरना पड़ जाता है | यदि दांतों में कैविटी है तो इससे पल्प में इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है | इस इन्फेक्शन को हटाने के लिए और रूट कैनाल को भरने के लिए रूट कैनाल ट्रीटमेंट किया जाता है | यदि आप में से कोई भी ऐसे ही किसी परिस्थिति से गुजर रहे है तो इलाज के लिए आप स्माइल जोन डेंटल स्पेशलिटी सेंटर से परामर्श कर सकते है |

    रूट कैनाल ट्रीटमेंट की प्रक्रिया 

    रूट कैनाल ट्रीटमेंट एक तरह की आरसीटी स्टेज प्रक्रिया है, जिसमें आपको इलाज के लिए मरीज़ को कई बार डेंटिस्ट के पास जाना पड़ता है | इसके इलाज की प्रकिया में सबसे पहले डॉक्टर वर्तमान स्थिति की जांच करने के साथ-साथ पुरानी स्थिति के बारे में भी पूछता है | इसके बाद दांतों का एक्स-रे किया जाता है | सभी रिपोर्ट्स आने के बाद रूट कैनाल ट्रीटमेंट की प्रक्रिया को शुरू किया जाता है |  जिसमें सबसे पहले दांतों को सुन्न करने के लिए एनेस्थेसिया का उपयोग किया जाता है,  फिर इसके बाद दांतों को सूखा रखने के लिए और लिप्स को दूर रखने के लिए कॉटन का शीट का उपयोग किया जाता है | यह शीट कैनाल की सफाई और रूट को भरते समय लार से बचाव करने के लिए मदद करता है | 

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    डेंटिस्ट दांत के पल्प तक पहुंचने के लिए सॉलिड टिश्यू के बीच रास्ता बनाने में पानी के स्प्रे का इस्तेमाल करता है | जिससे क्राउन का क्षतिग्रस्त हिस्सा बाहर की तरफ निकल जाता है | यह दांत के जड़ की सभी रूट कैनाल तक पहुंचने और इन्फेक्शन की गहरायी को खतम करने में मदद करता है | आसान भाषा में बात करें तो इस प्रक्रिया के  इस्तेमाल से दांतों के बीच होने वाले संक्रमण का सफाया किया जाता है फिर कैनाल को फिलिंग सामग्री से भर दिया जाता है | रूट कैनाल ट्रीटमेंट को कम से कम एक या फिर दो सिटिंग लग सकती है, यदि आपकी स्थिति ज्यादा ख़राब है तो इससे भी अधिक समय लग सकता है |  

     

    रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद कैपिंग होती है ज़रूरी ? 

    रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद दांतों की कैपिंग करना बेहद ज़रूरी होता है | यदि आपके दांतों के नेचुरल क्राउन को ज़्यादा नुक्सान नहीं पहुंचा तो डेंटिस्ट नुक्सान वाले क्षेत्र को फील करने के लिए सामने वाले दांतों के रंग वाले फिलर सामग्री को डाल देता है | हालांकि पीछे वाले दांतों में सिल्वर रंग से की सामग्री को भर दिया जाता है |    

     

    रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए ?              

     

    • रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद डॉयफ्रुइट्स, खट्टे फल, बिस्किट, पान सुपारी जैसे खाद्य पदार्थ से परहेज़ रखना   चाहिए |      
    • रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद अपने दांतों के सफाई का पूरा ध्यान रखें, मुंह को बैक्टीरिया से मुक्त रखने के लिए बार-बार कुल्ली करना ज़रूरी होता है | 
    • रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद के यदि आपको दांतों में फोड़ा या फिर फंसी नज़र आ रहा है तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श करें | 
    • रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद दांतों में फंसने वाले खाना सूजन और दर्द की समस्या को उत्पन्न कर सकते है | इसलिए यह ज़रूरी है की डेंटल फ्लॉस का उपयोग ज़रूर करें | 
    • रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद दांतों को बार-बार छूने से परहेज़ करें, क्योंकि ऐसा करने से दांतों की कैपिंग निकल सकती है और असहनीय दर्द का अनुभव हो सकता है | 
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    यदि आप में से कोई भी व्यक्ति रूट कैनाल ट्रीटमेंट को करवाने का विचार कर रहा है तो इसमें स्माइल जोन डेंटल स्पेशलिटी सेंटर आपकी पूर्ण रूप से मदद कर सकता है | इस संस्था की सीनियर कंसलटेंट डॉक्टर प्रिया वर्मा व्हाइटफील्ड, बैंगलोर के बेहतरीन एंडोडोंटिस्ट में से एक है, जो आपकी समस्या का इलाज करने में मदद कर सकते है | इसलिए आज ही स्माइल जोन डेंटल स्पेशलिटी सेंटर की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं और इलाज के लिए अपनी अप्पोइन्मेंट को बुक करें | इसके अलावा आप चाहे तो वेबसाइट पर दिए गए नंबरों से सीधा संस्था से भी बातचीत कर सकते है |